इतिहासकार

है अतीत इतिहास तो, उस पर कालिख लेप।
बन इतिहासकार वे, ढोते आये खेप।।
ढोते आये खेप, बन आक्रान्ता-पिट्ठू,
जिनके भ्रम जंजाल ने माना उनको टट्टू,
धन्य अहो इतिहास, हो रहा है जो स्वीकृत।
वंदनीय इतिहासकार, का संकल्पित ब्रत।

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/03/2017

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