देखो एक सच्चा इंसान मिल गया अब जाकर देश को सही प्रधान मिल गया

 देखो एक सच्चा इंसान मिल गया

अब जाकर देश को सही प्रधान मिल गया

जो बैठे रहते थे चुपचाप

आवाज उठाने वाला राम मिल गया

भ्रष्टाचार का अब अंत होगा

गरीबों का भाग्य बदलने वाला अवतार मिल गया

परिवर्तन की हवा यूं चलने लगी

एक नया इतिहास रचने वाला इंसान मिल गया

उनके आने से खुशियाली मच गई किसानों में

एक सावन से प्यारा इंसान मिल गया

रख काला धन जो आराम से सोते थे बंगलो मैं

उनकी नींद उड़ा देने वाला एक इंसान मिल गया

सब धुल रहे थे अपने पाप गंगा में

गंगा को साफ करने वाला एक इंसान मिल गया

खुली किताब  सा है  जीवन उनका

अब जाकर देश को सही प्रधान मिल गया

भयभीत हो के भागते हैं देश के गद्दार उनसे

अब जाकर गद्दारों का मुकद्दर लिखने वाला इंसान मिल गया

ना सुख देखा ना चैन देखा

देखा तो बस देश का सम्मान देखा

था अहंकार जिनको अपनी बातों पर

एक मन की बात करने वाला प्रधान मिल गया

जो करते थे राजनीति जवानों

पर हर पर्व हर अवसर उनके संग मनाने वाला इंसान मिल गया

अपना पूरा जीवन त्याग दिया देश की खातिर

बस विकास का हो जीवन हर इंसान की खातिर….

शिवम् वर्मा

4 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/03/2017
    • shivam verma shivam verma 20/03/2017
  2. babucm babucm 20/03/2017
    • shivam verma shivam verma 20/03/2017

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