तेरा नाम लिख दिया है – अजय कुमार मल्लाह

जहालत नहीं साबित की लिखकर कभी मीनारों पे,
अक्सर मिटा देती हैं लहरें लिखे हुए नाम किनारों पे,
मेरी नज़र में इससे महफूज जगह नहीं है “करुणा”,
तेरा नाम लिख दिया है मैंने दिल की दीवारों पे।

10 Comments

  1. Ajay sen 20/03/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/03/2017
  4. C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  5. Kajalsoni 20/03/2017

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