सबकी फ़िक्र करता हूँ मैं..

सबकी फिक्र करता हूँ मैं अपना समझकर,
ये बात और है कि वो नासमझ बनतें हैं |
सबकी कदर करता हूँ मैं घुलमिल कर,
ये बात और है कि वो भुल जाते हैं |

सोचा बहुत मैंने कि बदल दूँ ये आदत,
जीवन के अन्य पहलुओं पर नजर रखके,
चुनिंदा लोगों का कर लूँ वंदन,
पर जब हुआ सत्य मंथन-
एहसास हो गया, नहीं आसान ये पथ,
बेहतर है मूल प्रवृति का ही दामन |

राकेश

15 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/03/2017
    • Rakesh Pandey 19/03/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 19/03/2017
    • Rakesh Pandey 19/03/2017
  3. RAJEEV 19/03/2017
    • Rakesh Pandey 21/03/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
    • Rakesh Pandey 19/03/2017
  5. C.M. Sharma babucm 20/03/2017
    • Rakesh Pandey 20/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2017
    • Rakesh Pandey 20/03/2017
  7. Kajalsoni 20/03/2017
    • Rakesh Pandey 20/03/2017
  8. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 16/07/2017

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