वो हसीन लम्हे – शिशिर मधुकर

दिल की गहराईयों में जब कोई ना उतर पाता है
ऐसे आशिक को फिर कोई सीने से ना लगाता है
कोई जब सांसों की महक बन कर ही समा जाए
ऐसे रिश्ते को इंसान मिट कर भी यहाँ निभाता है

समय बदला है सूनी महफिल है घनी बरसाते हैं
पाक मुहब्बत के वो हसीन लम्हे पर याद आते हैं
तुम्हारे दिल की हालत का तो मुझको इल्म नहीं
तुझसे मिलने के अरमां पर हरदम मुझे सताते हैं

माना मुश्किल हैं बहुत मिलने का जतन तो करो
सब तमन्नाओ को कब्र में जिंदा यूँ दफन ना करो
साँसें रुक जाएँगी तो सभी खाक में मिल जाएँगे
कम से कम मरने से पहले तो ना घुट घुट के मरो

शिशिर मधुकर

16 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 19/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
  3. sarvajit singh sarvajit singh 19/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
  4. mani mani 19/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/03/2017
  6. Kajalsoni 20/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/03/2017
  7. babucm babucm 20/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/03/2017

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