“हार-जीत”

जीत तो एक ना एक बार हर कोई जाता है,
पर हारने वाला बड़ा खुशनसीब हो जाता है।
जीत तो बस पल भर की
यादे ही छोड़ जाती है,
पर हार ज़िन्दगी भर के लिए
बहुत कुछ सीखा जाती है।
जीत तो हमेशा ही हार से बड़ी
मानी जाती है,
पर हार ही तो सीख कर जीत को
हरा जाती है।
जीतने वाला तो बस चंद खुशियो को
जी पाता है, पर हारने वाला टूट कर
संभलना सीख जाता है।
अगर जीत ही जश्न का अफसाना है,
तो हार भी संघर्ष का बहाना है।
अगर जीत मंज़िल का सुकुन है ,
तो हार ही तो रास्तो का जुनून है।
अगर जीत ज़िन्दगी का मकसद है,
तो हार भी दुनिया का सबक है।
जो जीत सफलता की पहचान है,
तो सफलता भी तो हार से ही मेहरबान है।
जो जीत तुम्हारा भरोसा है,
तो हार ने भी तो तुम्हे तराशा है।
जो जीतना तुम्हारी आदत है,
तो हारना भी तुम्हारी इबादत है;
क्यूकी अगर जीत खुदा का वरदान है,
तो हार भी उसी का एक फरमान है।
तो हार भी उसी का एक फरमान है।।

:-प्रान्जल जोशी…

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
    • Pranjal Joshi 20/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/03/2017
    • Pranjal Joshi 20/03/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 19/03/2017
    • Pranjal Joshi 20/03/2017
  4. Rakesh Pandey 19/03/2017
    • Pranjal Joshi 20/03/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2017
    • Pranjal Joshi 22/03/2017
  6. Kajalsoni 20/03/2017
    • Pranjal Joshi 22/03/2017

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