जला कर आग सीने में मजा लो यार जीने का |

जला कर आग सीने में मजा लो यार जीने का |
सलीका सीख लो तुम हँस कर हर दर्द पीने का ||

गमो की कर नुमाइश खैर की चाहत करो क्यों तुम |
रखो तुम हौसला आकाश में ऊँचा हो उड़ने का ||

बना कर देखो आईना कभी खुद की निगाहों को |
भुला दोगे चलन खुद से खफा हो कर उखड़ने का ||

बुराई दूसरों में मत देखो यारो कभी भी तुम |
निकालो वक्त तुम आराम से खुद को ही पढ़ने का ||

नहीं कोई चले जो साथ ऐसा जिंदगी भर को |
इरादा है सभी का दूसरे को चोट करने का ||

मनिंदर सिंह “मनी”

18 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/03/2017
    • mani mani 18/03/2017
  2. C.M. Sharma babucm 18/03/2017
    • mani mani 18/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 18/03/2017
    • mani mani 18/03/2017
    • mani mani 18/03/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 18/03/2017
    • mani mani 18/03/2017
  5. sumit jain sumit jain 18/03/2017
    • mani mani 18/03/2017
  6. C.M. Sharma babucm 18/03/2017
    • mani mani 19/03/2017
  7. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 18/03/2017
    • mani mani 19/03/2017
  8. Kajalsoni 20/03/2017
    • mani mani 21/03/2017

Leave a Reply