कालचक्र

कालचक्र की इस नियती से कौन यहाँ बच पाया है?
निषकंलक निरपराध सीता पर भी यहाँ सवाल उठाया है!
सत्य प्रेम की उस मूरत को अग्नि पर भी चलवाया है!

कालचक्र की इस नियती से कौन यहाँ बच पाया है?
रामचन्द्र की इस धरती पर , खुद राम ने वनवास पाया है!
लोक संभालने आए कृष्ण पर , मणिचोरी का आरोप लगाया है!

कालचक्र की इस नियती से कौन यहाँ बच पाया है?
सत्यनिष्ठ हरिश्चन्द्र का,घर-बार यहाँ बिक जाता है!
करूण तपस्वी गौतम बुद्ध यहाँ, पत्थरौ की मार खाता है!
धर्मनिष्ठ इस सुसभ्य समाज ने, खुद शिव को जहर पिलाया है!
कालचक्र की इस नियती से कौन यहाँ बच पाया है?

:-प्रान्जल जोशी..

11 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/03/2017
    • Pranjal Joshi 16/03/2017
  2. C.M. Sharma babucm 16/03/2017
    • Pranjal Joshi 16/03/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2017
    • Pranjal Joshi 16/03/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 16/03/2017
    • Pranjal Joshi 17/03/2017
  5. Kajalsoni 16/03/2017
    • Pranjal Joshi 17/03/2017
  6. sumit jain sumit jain 18/03/2017

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