कोई तुमसे सिखे……… काजल सोनी

हर दर्द में यू मुस्कुराना ,
रोते हुए को फिर से हंसाना ,
कोई तुमसे सिखे ।
माँगा नहीं कुछ भी तुने चाहत के सिवा ,
दिल खोलकर मोहब्बत लुटाना ,
कोई तुमसे सिखे ।

हंसता है ये जमाना ,
आज हम पर ,
पर आशिकी में सब कुछ भुलाना,
कोई तुमसे सिखे ।
अजीब सा दर्द है इस मोहब्बत में ,
गम अपना कर भी न जताना,
कोई तुमसे सिखे ।

जलता होगा वो खुदा भी तुमसे ,
पाकर हर मोड़ पर जुदाई का गम ,
गम को भी थकाना,
कोई तुमसे सिखे ।
है हौसला तेरी चाहत से मुझको ,
बिना थामे हाथ मेरा, साथ निभाना ,
कोई तुमसे सिखे । ।

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“काजल सोनी”

18 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/03/2017
    • Kajalsoni 22/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/03/2017
    • Kajalsoni 22/03/2017
    • Kajalsoni 22/03/2017
  3. babucm babucm 20/03/2017
    • Kajalsoni 22/03/2017
  4. babucm babucm 20/03/2017
    • Kajalsoni 22/03/2017
  5. Rakesh Pandey 21/03/2017
    • Kajalsoni 22/03/2017
  6. mani mani 21/03/2017
    • Kajalsoni 22/03/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/03/2017
    • Kajalsoni 22/03/2017
  8. Kajalsoni 21/03/2017
  9. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/03/2017

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