किस्मत का सितम – शिशिर मधुकर

मुझे इस वक्त ने तन्हाई का जो मंज़र दिखाया है
कोई राज़ यूँ लगता है इसके दिल में समाया है

सोच कर खान हीरों की मैंने दोनों मुट्ठी भरी पूरी
किस्मत का सितम देखो हाथ पत्थर ही आया है

जानता हूँ ये कड़वी मय मुझे कमज़ोर करती है
खुद को मिटा कर साथ तेरा फिर भी निभाया है

जिस दवा से मैंने उम्मीद की मेरा दर्द कम होगा
उसी ने ज़हर बन के मुझे यहाँ हरदम सताया है

मधुकर यहाँ हर शख्स बस तेरे जज़्बात से खेला
पता चल जाए अब सबको तू कितना तड़पड़ाया है

शिशिर मधुकर

20 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  2. Kajalsoni 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  4. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  6. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  7. babucm babucm 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/03/2017
      • babucm babucm 14/03/2017
        • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/03/2017
  8. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/03/2017

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