होली मनाते -शिशिर मधुकर

जिन्दगी में काश ऐसे हसीन लम्हे भी आते
तुझे आगोश में ले गालों पर हम रंग लगाते
तुझे बस प्रेम कर हाथों से तेरा श्रॄंगार करते
कुछ इस तरह हर वर्ष हम भी होली मनाते

रंगो में डूब कर गर तू भी मेरे रंग रंगी होती
झोलियो में हरदम गिरते फिर प्रेम के मोती
शिकायतों का कोई मौका तब नहीं मिलता
मेरे मस्तक पे तू सजती जैसे प्रखर ज्योति

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  2. Kajalsoni 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  4. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  5. C.M. Sharma babucm 13/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/03/2017

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