ये उत्सव है होली का

चलो होली खेले
सुबह की भोर से
सूर्य की पहली किरण से
लगाना है रंग हरेक को
ये उत्सव है होली का

आओ, देखो रे देखो
लाल-गुलाबी पिले-नील
रंगों से डूबा है आसमान
हो रही है चारो और
रंगों की बौछार
चढा होली का ऐसा रँग
झूम रहे है सब मस्ती में
ये तो उत्सव है होली का

लाओ रे लाओ
गुलाल लाओ
टोली संग खेले होली
कहा है बाल्टी
कहा है रंग की पुड़िया
कहा है पिचकारी
लाओ जल्दी से
संग मनना है होली
ये उत्सव है होली का

लो उमड़ पढ़ी है भीड़
हर गली गली में
बच्चे-बूढ़ो क्या जवान
संग संग खेले होली
कौन राम, कौन रहीम,
कौन डेविड, कौन संता
रंग चढ़ा है एक जैसा
ये तो उत्सव है होली का

होली के इस रंग में
बनजाते है दुश्मन भी दोस्त
दे दो तुम आहुति नफरत की
बहाओ प्रेम की धारा
सजेगी महफिले फिर से रंगोंकी
लगाओ रंग एक दुजेको
सब चीज भूल कर
झूम जाओ मस्ती में
ये उत्सव है होली का
बड़ों को आदर
छोटो को दें प्यार

18 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/03/2017
  3. Kajalsoni 13/03/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/03/2017
  5. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 13/03/2017
    • sumit jain sumit jain 13/03/2017
  6. chandramohan kisku chandramohan kisku 13/03/2017
    • sumit jain sumit jain 13/03/2017
  7. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 13/03/2017
    • sumit jain sumit jain 13/03/2017
  8. sumit jain sumit jain 13/03/2017
  9. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/03/2017
    • sumit jain sumit jain 14/03/2017

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