तू मौजे-शराब तो पैमाना हूँ मैं

तू मौजे-शराब तो पैमाना हूँ मैं

गम आगोश लिया मस्त मैखाना हूँ मैं।

 

तू अक्स और तेरा आईना हूँ मैं

तेरे फेंके पत्थर का निशाना हूँ मैं।

 

तू ही गम है मेरी मस्ती भी है तू

इन्हीं बातों का हुआ दीवाना हूँ मैं।

 

अब क्यूँ धुँआँ देती है तू ए शमा

तूने जिसे जलाया वो परवाना हूँ मैं।

 

गम भुलाने जो हरसू याद किया जावे

वो ही जश्ने-गम का अफसाना हूँ मैं।

 

बस पा सका हूँ कुछ ऐसी जिन्दगी

मौत का बना हुआ इक नजराना हूँ मैं।

…..   भूपेन्द्र कुमार दवे

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8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/03/2017
  4. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 13/03/2017
  5. Kajalsoni 13/03/2017
  6. sumit jain sumit jain 13/03/2017
  7. C.M. Sharma babucm 13/03/2017
  8. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/03/2017

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