जा रे होली जा — मधु तिवारी

जा रे होली जा तु मुझे न भाए
हर साल ऐसे तु मुझे क्यों सताए
अब रोना पड़ेगा मुझे बैरी
आँसू बहने से कोई रोक पाए
रुँध जायेगा गला भी अब ऐसे
बोलूं तो किसी को समझ न आए
छुपने को खोजूं जगह मिले न
कहां हम छुपने को जी लेके जाए
चहुँओर आलम है बस मस्ती का
‘ बुरा न मानो होली है ‘ बोले
रंग लगाते जबरदस्ती का
लगवाऊँ कि ना ये मे री मर्जी है
……………
……………
अरे समझो भाई !!! मुझे बड़ी एलर्जी है
हा….हा…हा…हा…

आप सबको होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं ।

मधु तिवारी

17 Comments

  1. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 12/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 12/03/2017
      • कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 12/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 12/03/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 12/03/2017
  4. RAKESH RATHI RAKESH RATHI 12/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 12/03/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 12/03/2017
  6. C.M. Sharma babucm 12/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 13/03/2017
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 13/03/2017
  8. Kajalsoni 13/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 13/03/2017

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