मै शराबी हो गया हूँ – अजय कुमार मल्लाह

आकर मुझे सँभाल ले, मै नशे में खो गया हूँ,
माफ करना तेरी याद मे, मै शराबी हो गया हूँ।

सच कह रहा हूँ सनम, अब नशे में जीता हूँ,
तु सामने आ जाती है, जब पूरी बोतल पीता हूँ,
लेटकर फुटपाथ पर समझूं, तेरी बाहों में सो गया हूँ,
माफ करना तेरी याद मे, मै शराबी हो गया हूँ।

जब होश में रहता हूँ, खुद को खोजना पड़ता है,
मै कौन हूँ, है घर कहाँ, ये सोचना पड़ता है,
रहे होश ना पीने के बाद, शायर किताबी हो गया हूँ,
माफ करना तेरी याद मे, मै शराबी हो गया हूँ।

कहकर गयी थी आएगी, तु लौटी ही नहीं,
अब वफ़ा और बेवफा की, कसौटी ही नहीं,
रहता हूँ खण्डहर में, महल का खराबी हो गया हूँ,
माफ करना तेरी याद मे, मै शराबी हो गया हूँ।

12 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 12/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/03/2017
  3. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 12/03/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/03/2017
  5. Kajalsoni 13/03/2017
  6. RAKESH RATHI RAKESH RATHI 17/03/2017

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