एक सवाल ?

 

इस दुंनिया की किताब के पन्नो में ,

सवाल कई मिलते है;
हर सवाल एक राज़ ,
ये राज़ चुनोती लगते है ;
हर जवाब एक किस्सा ,
ये किस्से कहानी बनते है ,
इन जवाबो की कहानियो में फिर ,
कई सवाल नये मिलते है ;
इस दुनिया की किताब के पन्नो में ,
सवाल कई मिलते है।

कई सोचे गये ,कई समझे गये ,
कई पूछे गये ,कई सूझे गये ,
कई ढूंढे गये ,कई बूझे गये ,
फिर भी ना जाने कैसे ,
नये सवाल रोज़ मिलते है ;
इनके जवाबो की तलाश मे ,
सब लोग चला करते है ,
लोगों की बातों में फिर ,
कई सवाल नये मिलते है;
इस दुनिया की किताब के पन्नो में ,
सवाल कई मिलते है।

सवालो की इस कतार में ,
ख्वाब कई बनते है ,
खाव्बो की इस दुनिया में ,
फिर सवाल कई मिलते है ,
फिर इस दुनिया में ,
जवाबो के ख्वाब बनते है ;
इस दुनिया की किताब के पन्नो में ,
सवाल कई मिलते है।

अगर पूछ सकूँ मै भी ,
एक सवाल कभी ,
तो ये सवाल उससे पूछुंगा ,
कि तेरी सवालो की इस दुनिया में ,
आखिर जवाब कहाँ बसते है ?
बस ये जवाब कहाँ बसते है ?

-प्रांजल जोशी

 

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/03/2017
    • Pranjal Joshi 12/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 12/03/2017
    • Pranjal Joshi 12/03/2017
  3. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 12/03/2017
    • Pranjal Joshi 12/03/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/03/2017
    • Pranjal Joshi 12/03/2017

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