भारत माँ की जयगान करे…

सुन लो पुकार हे गुणागार,
मैं याचक बनकर आया हूँ |
अरिहन्त अनन्त अमोघ सुनो,
मैं कष्ट सुनाने आया हूँ ||

हे नीलकण्ठ अवढ़रदानी,
देखो विपदा है आन पड़ी |
अन्याय अनीति अनाचार ,
और व्यभिचार है अड़ी-खड़ी ||

प्रभु नाश करो आसक्ति का,
अब शाश्वत युक्ति प्रबन्ध करो |
काबिज ताबीज़ जंतर मंतर,
हे औघड़ भय जो व्याप्त हरो ||

मानवता लज्जित हो ना सके,
निज स्वार्थ मात्र की सिद्धी में |
आसुरी प्रवृति ना हावी हो,
ना छल द्वेष दंभ अंतस्मन में ||

महाकाल कपाल अकाल हरो,
अनुकूल तरलता दान मिले |
संकल्प व्यवस्थित हो इतना,
उत्कृष्ट सत्यता साथ खिले ||

साष्टांग तेरे आगे होकर,
शंभु आशीष ये मांग करे |
अब सब, सुख तन मन धन देकर,
भारत माँ की जयगान करे ||

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अपने अतीत का ध्यान रहे,
महाराणा स्वाभिमान रहे |
वीर कुंवर मंगल पांडे,
आजाद भगत सिंह नाम रहे ||

निर्विघ्न फिरें जैसे गंगा,
मस्तक पर हिम सा ताज रहे |
संगीत रचे सबके मन में,
वाणी-मुख सुर और साज रहे ||

रामायण गीता और पुराण,
अधिनायक के स्तम्भ बनें |
हर एक बालिका दुर्गा और,
बालक पुरुषोत्तम राम बने ||

हम ञानवान विञानी हों,
पर हो आधार सदा भू पर |
हो सत्य अहिंसा प्रेम प्रखर,
और स्वाबलंबिता सर्वोपर ||

उधान सरीखा हो भारत,
कोकिल स्वर मन का रंज हरे |
गुणता का परचम ऐसा हो,
हर हृदय विवेकानंद भरे ||

मैं साहस मांगता हूँ तूझसे,
सैनिक सिन्धू भी पार करे |
अब सब, सुख तन मन धन देकर,
भारत माँ की जयगान करे ||

आशीष कुमार झा
मो. – 09534170632

12 Comments

  1. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 11/03/2017
    • Ashish Kumar Jha 13/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 11/03/2017
    • Ashish Kumar Jha 13/03/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/03/2017
    • Ashish Kumar Jha 13/03/2017
  4. sumit jain sumit jain 12/03/2017
    • Ashish Kumar Jha 13/03/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/03/2017
    • Ashish Kumar Jha 13/03/2017
  6. Kajalsoni 13/03/2017
    • Ashish Kumar Jha 13/03/2017

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