यकीन दिलाया करो — मधु तिवारी

तड़प जाता हूं मैं, नजरें न चुराया करो
बिखर जाता हूं तुम न सिमट जाया करो

देखूं जो महफिल में हंसते बतियाते हुए
मर मिटता हूं यूँ न नाज दिखाया करो

गजब ढाती हो इस कदर इठलाती चली
मुझे खता करने को न उकसाया करो

मर मिटा हूं तेरी इन्हीं अदाओं पर मैं तो
बेवफाई का इल्जाम यूं न लगाया करो

मय की कहां जरुरत है मुझे सनम
अपनी नजरों से ही जाम पिलाया करो

तेरे नैनो ने ही किया है मदहोश मुझे
होश मे आ जाऊँ न ऐसे सताया करो

निगाहों से ओझल कभी नहीं होना तुम
” मेरी हो” ये हरदम यकीं दिलाया करो

17 Comments

  1. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 11/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 11/03/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 11/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 11/03/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/03/2017
  5. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 11/03/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 11/03/2017
  7. Kajalsoni 11/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 11/03/2017
  8. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 11/03/2017
  9. Madhu tiwari Madhu tiwari 11/03/2017
  10. babucm babucm 11/03/2017
  11. Madhu tiwari Madhu tiwari 12/03/2017

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