चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है

मन से मन भी मिल जाये , तन से तन भी मिल जाये
प्रियतम ने प्रिया से आज मन की बात खोली है

मौसम आज रंगों का छायी अब खुमारी है
चलों सब एक रंग में हो कि आयी आज होली है

ले के हाथ हाथों में, दिल से दिल मिला लो आज
यारों कब मिले मौका अब छोड़ों ना कि होली है

क्या जीजा हों कि साली हों ,देवर हो या भाभी हो
दिखे रंगनें में रंगानें में , सभी मशगूल होली है

ना शिकबा अब रहे कोई , ना ही दुश्मनी पनपे
गले अब मिल भी जाओं सब, आयी आज होली है

प्रियतम क्या प्रिया क्या अब सभी रंगने को आतुर हैं
चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है .

होली की अग्रिम शुभकामनाएं

मदन मोहन सक्सेना

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 10/03/2017
  2. sumit jain sumit jain 10/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/03/2017
  4. babucm babucm 10/03/2017
  5. Kajalsoni 10/03/2017

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