दुनिया

ये दुनिया एक पहेली है,
किसी के लिए ख़ुशी,
किसी के लिए समझोतो की रैली है,

यहाँ हर व्यक्ति परेशान है,
समझता अपने आप को महान है,

कोई बड़ा, कोई छोटा है,
कोई अमीर, कोई गरीब है,

दौलत को लोगो ने भगवान बनाया है,
और पूजना मूर्ती को अपनी शान बनाया है,

खूबसूरती पे घमंड लोग करते है,
दिल में शैतान उनके बस्ते है,

जो दिल के अच्छे है उसे लोग पूछते नही,
सुंदरता पे ही नजाने क्यों लोग मरते है,

प्यार यहाँ पे खेल बना है,
दिल बेचारा जैसे जेल बना है,
राम एक, तो रावण हज़ारो पलते है,
इस दुनिया में जुर्म हर दिन बढ़ते है ,

लोग नजाने क्यों लोगो से जलते है,
आगे बढ़ने की रेस ही क्यों करते है ,

वा-री-वा दुनिया क्या गज़ब तूने ढाया है,
हर व्यक्ति की ज़िन्दगी को तूने रेस बनाया है,

अमीरो की तू वाह-वाही करे ,
और गरीबो की तू हँसी करे,

ये केसा तेरा इन्साफ हुआ रे?
गुनहगार यहाँ जश्न करे ,
और बेगुनाह जेल में ही मरे,

ऐ दुनिया इतना तो बता..!
तू किस्से है प्यार करे?

दोस्त-दोस्त से जले यहाँ,
भाई-भाई से लड़े यहाँ,
अपने-अपनों से भिड़े यहाँ,

फिर कैसे जीए हम जीवन यहाँ?
फिर कैसे जीए हम जीवन यहाँ?

 

चंचल सोनी

12 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 16/03/2017
    • Chanchal soni 17/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/03/2017
    • Chanchal soni 17/03/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2017
    • Chanchal soni 17/03/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 16/03/2017
    • Chanchal soni 17/03/2017
  5. Ani porwal 17/03/2017
    • chanchal soni 03/04/2017
  6. sumit jain sumit jain 18/03/2017
    • chanchal soni 03/04/2017

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