“ख़ुशी”…

पड़े हैं कदम आँगन में जबसे तेरे
सबकी “ख़ुशी” बन गई हो तुम
बदनसीब थे जो इस घर में
उनका नसीब बन गई हो तुम

जनक नहीं हूँ में तेरा
पर मेरी जानकी बन गई हो तुम
माँगते है जो हर कोई खुदा से
मेरी वो दुआ बन गई हो तुम

मोल नहीं जिसका जीवन में
वो अनमोल रत्न बन गई हो तुम
किस्सों में जो अबतक सुना था
मेरी वो परी बन गई हो तुम

10 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/03/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 27/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/03/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 27/03/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/03/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 27/03/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/03/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 27/03/2017
  5. Kajalsoni 28/03/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 29/03/2017

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