फर्क पड़ता है

कोई जब दुखी हो,
तो फर्क पड़ता है,
कोई जब रूठा हो मुझसे ..
तो फर्क पड़ता है,

जब गलती हो मुझसे
तो फर्क पड़ता है
जब सपनो को सच बनाने में समय लगता है
तो फर्क पड़ता है
किसी के उदास हो जाने से
फर्क पड़ता है

वो जब कहे की मेरी खातिर बदल जाओ तुम
तो फर्क पड़ता है
वो कहे की मुझे भूल जाओ तुम
तो फर्क पड़ता है

में क्यों किसी के लिए खुदको बदलू
हां उसके दुःख से दर्द मुझे होता है
पर में अपने अस्तित्व को क्यों बदलू
वो कहता है, नादान हो तुम
पर में इस आदत को क्यों बदलू
हर दर्द को भूलने की ताकत है ये मेरी
इस ताकत के आखिर में क्यों बदलू

जब कोई अपना रोता है
तो फर्क पड़ता है
कोई जब दुखी हो
तो फर्क पड़ता है

 

“चंचल सोनी”

7 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/03/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 10/03/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 10/03/2017
  4. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 10/03/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/03/2017
  6. babucm babucm 10/03/2017
  7. KaviKrishiv KaviKrishiv 21/03/2017

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