जलती हूँ……. काजल सोनी

ऐसी वो मैं नदियाँ हूँ ,
जो संग तेरे बहती हूँ ।
तू कहीं रोक ले मुझको,
मै दिन रात जलती हूँ ।

मुझे लेकर कहीं उड़ जा,
मै तेरे साथ चलती हूँ ।
कभी गिरती , कभी सम्हलती,
कभी मैं खुद पर हंसती हूँ ।
तेरी चाहत में हूँ डूबी ,
चाहत की आग सुलगती हूँ ।
तू कहीं रोक ले मुझको ,
मै दिन रात जलती हूँ ।

मै शम्मा हूँ , तू परवाना ,
लगी है आग सिने मैं ।
तड़पती हूँ मैं आज हर पल,
बड़ी मुश्किल है जीने में ।
बरसती हूँ कभी घटा बनकर ,
कभी तेरी राह में फिरती हूँ ।
तू कहीं रोक ले मुझको ,
मै दिन रात जलती हूँ । ।

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. “काजल सोनी”

18 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 10/03/2017
    • Kajalsoni 10/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/03/2017
    • Kajalsoni 10/03/2017
  3. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 10/03/2017
    • Kajalsoni 10/03/2017
    • Kajalsoni 10/03/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/03/2017
    • Kajalsoni 10/03/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 10/03/2017
    • Kajalsoni 10/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 10/03/2017
    • Kajalsoni 10/03/2017
  7. C.M. Sharma babucm 10/03/2017
  8. Kajalsoni 10/03/2017
  9. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 11/03/2017
  10. Kajalsoni 13/03/2017

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