चाह

यदि जो चाहे, वो आसानी से मिल जाये l
तो पत्थर रुपी भगवान यूँ पूजा ना जाये ll
और यदि इंसान, जीवन में कुछ ना चाहे l
तो इंसान, इंसान नहीं भगवान बन जाये ll

हर किसी की कोई ना कोई चाह होती है l
क्योकि जहाँ चाह होती है वहीँ राह होती है ll
राह के मिलने से मंज़िले नज़र आ जाती है l
मेहनत करने से हर चाह पूरी हो जाती है ll

चाह हो ऐसी, जो दूजे को भी ख़ुशी दे पाए l
चाह की चाहत में ना गलत कदम उठाये ll
चाह हमें जिंदगी में आगे बढ़ना सिखाती है l
चाह ना हो तो जिंदगी बोझिल हो जाती है ll

जरुरी है अपनी चाह को यूँ बरकरार रखो l
एक बार ईश्वर को पाने की भी चाह रखो ll
ईश्वर की चाह से हर चाह पूरी हो जाएगी l
सच कहता हूँ मन की शांति मिल जाएगी ll
—————–

9 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 10/03/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/03/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 10/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 09/03/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 10/03/2017
  4. C.M. Sharma babucm 10/03/2017
  5. Kajalsoni 10/03/2017
  6. आलोक पान्डेय आलोक पान्डेय 10/03/2017

Leave a Reply