दिलों के राज़ -शिशिर मधुकर

दिलों के राज़ कितना भी छुपाओ छुप ना पाते हैं
वक्त लग सकता है थोड़ा मगर सब जान जाते हैं

लाख कोशिश करी हमने उनकी सोच को बदलें
इंसा के सभी गुण लेकिन सदा बचपन से आते हैं

अगर अब दम भी घुटता है पीर सह लेते हैं हम भी
हसी कलियों की हर मुस्कान को तूफां से बचाते हैं

दर्द सह सह के जीना भी हरदम आसां नहीं होता
मगर मन मार के हम अपनी कसमों को निभाते हैं

सुख पाना चाहता है ना मन से सोच तू ए मधुकर
ऐसी फितरत के लोगों को सभी मिल के सताते हैं

शिशिर मधुकर

18 Comments

    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
  2. Kajalsoni 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
  3. Rajeev Gupta 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
  4. mani mani 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
  7. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017
  8. C.M. Sharma babucm 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/03/2017

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