नारी तुजे सलाम

नारी तुजे  सलाम

सदियों से  झुकाया  गया  हमें,

सदियों  से रुलाया  गया  हमे।

ज़माने  की हर सितम को हस्ते सहे हम,

क्यों की कबि माँ, कभी बेटी ,कबि बहन  तो

कबि  दोस्त  बुलाया गया हमें।

 

प्यार की बेवफाई को सहा  कबि तो

ज़माने की रुस्वाई को भी सहा ।

कबि दुनिया  ने मुह  मूड लिया तो,

कबि अपनों ने   दामन छोड़ दिया।

 

फिर  भी न किसीको कुछ कहा, न शिकवा किया।

जितना मिला दुनिया से,उससे ज़्यादा दिया।

अपना  करम हम  करते रहे,

प्यार बनकर हम  बरसते रहे।

Lucky

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
    • Lucky 08/03/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/03/2017
    • Lucky 08/03/2017
  3. Kajalsoni 08/03/2017
    • Lucky 08/03/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 08/03/2017
    • Lucky 08/03/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/03/2017
    • Lucky 09/03/2017
  6. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 08/03/2017
    • Lucky 09/03/2017
  7. C.M. Sharma babucm 08/03/2017
    • Lucky 09/03/2017

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