तिनके बताते हैं मेरा आशियां यहीं था

तिनके बताते हैं मेरा आशियां यहीं था
जिसपे नाज था मुझको वो गुलिस्तां यहीं था

ना हो यकीं तो उठती लहरों से पूछ लो
मेरी किश्ती यहीं थी और तूफां यहीं था

खुशबू मेरे अश्क की आती है यहीं से
मैं पीता था जहां बैठ वो मैकदां यहीं था

ये अंधेरा नहीं नूर-ए-मजार-ए-उजाला है
बुझे थे चिराग यहीं पे उठा धुआं यहीं था

गुल खिले अदा के यहीं वफा की खुशबू लिये
इश्क बागवां यहीं था हुस्न शादवां यहीं था

फुटपाथ पर पड़ी लावारिश लाश मेरी थी
ये जगह मेरी थी मेरा आशियां यहीं था

….. भूपेन्द्र कुमार दवे

6 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 08/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  3. Kajalsoni 08/03/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/03/2017
  5. C.M. Sharma babucm 08/03/2017

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