” औरत 3 “……. काजल सोनी

हर औरत की आज ये कहानी है ,
दुनिया को डुबा दे
इन आँखों में इतना पानी है ।
ममता की बारिश में जलती ,
सोहरत में भी तन्हा रहती ,
दिल की बात किसी से न कहती ,
गम में डूबी सारी इनकी रवानी है ,
हर औरत की आज यही कहानी ।

हुआ जमाना आज बहुत आगे ,
औरत के हालात मगर
आज भी वही पुरानी है ।
गर्भ में बेटियाँ मरती ,
दहेज में बहुये जलती ,
दरिंदों की ये नजरे सहती ,
भीतर पर्दों में गुजर रही जवानी हैं ।
हर औरत की आज ये कहानी है ।

जन्मे बेटियाँ तो बुरी लगती ,
हो गई जवान तो बोझ समझती,
बहुये बेटे से आगे निकले
तो मिलकर खूब ताने कसती,
बुढीँ माँ न बेटे के दिल में बसती ।
लडाई सम्मान की लड़ रही पूरी जिंदगानी है ,
हर औरत की आज ये कहानी है ।
दुनियां को डुबा दे ,
इन आँखों में इतना पानी है । ।

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“काजल सोनी”

13 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 06/03/2017
    • Kajalsoni 07/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/03/2017
    • Kajalsoni 07/03/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 06/03/2017
    • Kajalsoni 07/03/2017
  4. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 06/03/2017
    • Kajalsoni 07/03/2017
      • Kajalsoni 07/03/2017
  5. babucm babucm 06/03/2017
    • Kajalsoni 07/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/03/2017
    • Kajalsoni 07/03/2017

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