” तेरा प्रेम “…….. काजल सोनी

तू नखरीली ,
छैल छबिली ,
थोड़ी शर्मीली ,
मन को तू मेरे भाय ।
प्रेम की गहरी घटा बरसे,
जब जब काजल तू लगाये ।

नयन तेरे दो गहरे मोती ,
असुवन सागर सा समाये ।
पैनी नजर से देख जिसे तू ,
तेरे रुप में फंसता वो जाये ।

चंदन सी तेरी काया ,
मुस्कान भी तेरी इक माया ।
घनघोर घटा की बारिश सी तू ,
मुझ पर पङती जाये ।

तू मनमोहनी सुरत वाली ,
अदा भी खूब निराली ,
मन में अगन तू लगाये
तेरी यादों की लहर सागर जैसी ,
जो बार बार फिर कर आये ।

मुझे प्रेम की धुन ऐसी लागी ,
अब कौन मुझे बचाये ।
ज्यौ ज्यौ भागु दूर तुझसे ,
त्यौ त्यौ मन में तू समाये । ।

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“काजल सोनी”

13 Comments

  1. Kajalsoni 02/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/03/2017
    • Kajalsoni 02/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 03/03/2017
    • Kajalsoni 04/03/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/03/2017
    • Kajalsoni 04/03/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 04/03/2017
    • Kajalsoni 04/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/03/2017
    • Kajalsoni 04/03/2017
  7. C.M. Sharma babucm 06/03/2017
  8. Kajalsoni 07/03/2017

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