मेरी किस्मत

सुहाना सा सफ़र है मेरी किस्मत
ऐसा लगता है मानो मिल गई है जननत
कोई आरज़ू अब बाकी नहीं है
हर ख़ुशी ने दी है दस्तक
खुदा लफ़्जॊ मे क्या बयां करू उसे
जिसकी तारीफों मे भरे है सारे काग़ज
आसमान का यह खुलापन
मोहब्बत की हवाए
आ तुझे छुपालू मे चाँद के भीतर ओढ़नी मे
सितारों की बरात मे
भीगी भीगी बारिशे है
महकी महकी फ़िज़ाय है
इस खुबसूरत पल मे तुझे समेट लू बाहों मे
अब तो करीब आजा
इंतज़ार मेरा ये ख़त्म कर जा
मेरे मौला ऐसी किस्मत दी है
आजा तेरा रूप बदल दू
मेरी तकदीर तेरे माथे पर लिख दू

9 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/02/2017
    • Shabnam Shabnam 28/02/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/02/2017
    • Shabnam Shabnam 28/02/2017
  3. Kajalsoni 27/02/2017
    • Shabnam Shabnam 28/02/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/02/2017
    • Shabnam Shabnam 28/02/2017
  5. C.M. Sharma babucm 28/02/2017

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