सत्यम शिवम सुन्दरं ….

!! छंद-चोपाई !!
शमशान निवासी कहते हैं, जो रहता रोम रोम में है..
आदि अंत का जो ज्ञाता, महादेव वो है कहलाता..

पी ज़हर दिया अमृत जिसने, वैरागी है वो ही मन से..
जीवन-मौत समाये जिसमें, मृत्युंजय हो वो हैं रमते..

आदि अंत में भी रहता जो, सत्य ही तो कहते हैं उसको..
जड़ चेतन में जो अविचल है,सनातन वही शिव शंकर है..

दुख लेके सुख देने में भी,आभा नूरानी है जिसकी..
वंदन उस शिव का हम करते, है सत्यम शिवम सुंदरम् कहके…
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/सी.एम्. शर्मा(बब्बू)

(ये सिर्फ मेरे भाव हैं अंतर्मन के…किसी शब्द की व्याख्या करना मकसद नहीं हैं)

12 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/02/2017
    • babucm babucm 25/02/2017
  2. Kajalsoni 24/02/2017
    • babucm babucm 25/02/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/02/2017
    • babucm babucm 25/02/2017
  4. mani mani 24/02/2017
    • babucm babucm 25/02/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 24/02/2017
    • babucm babucm 25/02/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/02/2017
    • babucm babucm 25/02/2017

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