उमा महेश्वर—मधु तिवारी

जय हो जय हो ! उमा महेश्वर
जग त्राण को बना है विषधर
देवाधि देव हो हे ! परमेश्वर
जय हो जय हो उमा महेश्वर

आज बंधे थे शिव परिणय मे
देते सब कुछ थोड़े विनय मे
शिवरात्रि मे मो पे कृपा कर
जय हो जय हो उमा महेश्वर

वर भवानी के नाम उमापति
सुत है कार्तिक और गणपति
कैलाश निवासी हो चन्द्रधर
जय हो जय हो उमा महेश्वर

सत्यम शिवं सुन्दरम् बोले
जग संहार को त्रि नेत्र खोले
जग कल्याण करो हे जगधर
जय हो जय हो उमा महेश्वर

दो वरदान मधु को ऐसा
भक्त न हो कोई मेरे जैसा
माथ रहे तेरे चरण धूलि पर
जय हो जय हो उमा महेश्वर

10 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/02/2017
  2. C.M. Sharma babucm 24/02/2017
  3. Kajalsoni 24/02/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 24/02/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/02/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/02/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 24/02/2017
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/02/2017

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