“शिव महिमा”…….. काजल सोनी

जय जय जय भोले भंडारी ,
तेरी कृपा सबसे न्यारी ।

कथा एक सुनाऊँ आज मैं तेरी,
करना क्षमा जो तृटी हो मेरी ।

जो आते हैं तेरे द्वार ,
हो जाता सबका उद्धार ।

गाँव में एक दिन, एक चोर आया,
धन कुछ भी न वो चुरा था पाया ।

हो कर वो बहुत उदास ,
भटकता रहा शिवमंदिर के आसपास।

सोचा क्यु न मंदिर में घुस जाऊँ,
जो मिल जाये उसे चुराऊँ ।

पर वहां उसको कुछ दिख न पाया,
प्रसाद उठा जी भर कर खाया ।

फिर आया उसको एक विचार ,
मंदिर के घंटे को क्यु न करदु मैं पार।

चुराऊ कैसे ? हाथ पहुंच न पाया,
इधर उधर देख कुछ ध्यान लगाया ।

सोचा शिवलिंग पर मैं चढ़ जाऊँ,
आसानी से फिर उतार लाऊँ ।

चढ़ कर शिवलिंग पर लगा उतारने,
घंटा हिलकर टन टन बजा वो लगने ।

शिव जी सोचे कोई भक्त हैं आया,
होकर प्रकट अपना रुप दिखाया ।

गिर पड़ा चोर, जी उसका घबराया ,
शिव जी ने बड़े स्नेह से,फिर उसे उठाया ।

बोले भक्त बता क्या है तेरी इच्छा ,
प्रसन्न हुं तुझपर, वर तुझे मैं देने आया ।

सुनकर होश उड़ गए चोर के ,
प्रभु हुं चोर, मैं चोरी करने आया ।

शिव जी बोले बड़ी उदार के साथ ।
सब चढाते है मुझ पर, फुल पत्ते और प्रसाद ।

पर तुने तो खुद को ही चढाया मुझ पर आज ,
नादानी से सही, खाया प्रसाद, न कर अब लाज।

बोल कैसे तुझे अब जाने दूंगा ,
माँग ले जो चाहे, तुझको सब दुंगा।

सुध-बुध खो गये, प्रभु की ऐसी वाणी सुनकर,
चरण धो डालें शिव के उसने रो रो कर।

ऐसी हैं प्रभु की कृपा न्यारी ,
जो जग में है सबसे भोले भंडारी ।

तुम सब पर रखना ऐसी कृपा न्यारी ,
जय जय जय भोले भंडारी । ।

ऊँ नमः शिवाय …………….

……….. “काजल सोनी”………

14 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/02/2017
    • Kajalsoni 24/02/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/02/2017
    • Kajalsoni 24/02/2017
  3. mani mani 24/02/2017
    • Kajalsoni 24/02/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 24/02/2017
    • Kajalsoni 24/02/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/02/2017
    • Kajalsoni 24/02/2017
  6. babucm babucm 25/02/2017
    • Kajalsoni 25/02/2017
  7. subhash 26/02/2017
    • Kajalsoni 04/03/2017

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