जुर्म—डी के निवातिया

वो करते सवाल तो जवाब हम देते
हर जुर्म अपने सर आँखों पर लेते
कम से कम गुनाह तो बताया होता
फिर चाहे सजा-ऐ-मौत क्यों न देते।।
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डी के निवातिया

12 Comments

  1. mani mani 23/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/02/2017
  2. Kajalsoni 23/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/02/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/02/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/02/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/02/2017
  6. C.M. Sharma babucm 24/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/02/2017

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