मांझी—डी. के. निवातिया

लड़ाई गर मुद्दे पर हो तो लड़ने में मजा आता है
उलझकर उलझनों में जीने का आनद आता है
चिकनी सडको पर रफ़्तार आजमा लेते है सभी
तूफानी लहरो में कश्ती संभाले मांझी कहाता है !!
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डी. के. निवातिया

10 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 20/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/02/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/02/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/02/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 21/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/02/2017
  5. Kajalsoni 22/02/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/02/2017

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