मुक्तक

अपनो से अपनो का पोषण होता है।

अपनो से अपनो का शोषण होता है।

अपनो में ही छुपे हैं शञु मिञ, 

अपनो में ही धर्मराज, दुर्योधन होता है।।

 

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/02/2017
  2. C.M. Sharma babucm 20/02/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/02/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/02/2017
  5. Kajalsoni 22/02/2017

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