लौट आ अपने भीतर तू रे….सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

IIछंद-चौपाईII

चल घर चल अब भटक न तू मन…
रोने से ना होगा कुछ सुन…
औरों की ना सुन अब तू रे…
लौटा अपने भीतर तू रे…

जीवन हर पल चलता यूं ही…
ऊपर नीचे फिसला यूं ही….
कोई थामे है न किसी को…
सिर्फ एकहि थामें है सब को…

जिसने पकड़ा गिरधर बांका…
उसका बाल हुआ ना बांका…
छोड़ चिंता गिरधर पे तू भी…
‘चंदर’ हो जा उसका तू भी…
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/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/02/2017
    • babucm babucm 22/02/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 15/02/2017
    • babucm babucm 22/02/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 15/02/2017
    • babucm babucm 22/02/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 19/02/2017
    • babucm babucm 22/02/2017
  5. Kajalsoni 22/02/2017
    • babucm babucm 22/02/2017

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