राज़ खोलो तुम – शिशिर मधुकर

दिल में मुहब्बत है तो अब मुँह से भी बोलो तुम
छुपे हैं जो गहरे सीने में वो सारे राज़ खोलो तुम
खुद को तन्हा बनाने से ना तुमको करार आएगा
जिंदगी का ये हसीं गुल एक दिन ढल ही जाएगा

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 15/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/02/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 15/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/02/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 15/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/02/2017
  4. Kajalsoni 22/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/02/2017

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