गीत-राह उम्र भर देखूंगी तेरी-मनिंदर सिंह “मनी”

राह उम्र भर देखूंगी तेरी,
जिद है ये खुद से मेरी

कहे जमाना कुछ भी मुझ को,
रब है माना मैंने तुझ को,
मेरी हर धड़कन है तेरी,
राह उम्र भर देखूंगी तेरी,
जिद है ये खुद से मेरी,

साजन तुम हो नहीं बेवफा,
पर हम भी निभा न सके वफ़ा,
मेरी आँखों में है तस्वीर तेरी,
राह उम्र भर देखूंगी तेरी,
जिद है ये खुद से मेरी,

कुछ थी हमारी खतायें,
कुछ हम ही ना समझ पाये,
बढ़ते बढ़ते बढ़ गयी दूरी,
राह उम्र भर देखूंगी तेरी,
जिद है ये खुद से मेरी,

हमसफ़र लौट कर आ भी जा तू,
भूला कर हर खता आ भी जा तू,
रह ना जाये जिंदगी यूँ ही अधूरी,
राह उम्र भर देखूंगी तेरी,
जिद है ये खुद से मेरी,

मनिंदर सिंह “मनी”

10 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 14/02/2017
    • mani mani 14/02/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/02/2017
    • mani mani 14/02/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/02/2017
    • mani mani 23/02/2017
  4. C.M. Sharma babucm 14/02/2017
    • mani mani 23/02/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 14/02/2017
    • mani mani 23/02/2017

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