मौसम “””””””सविता वर्मा

कसक, टीस, आंसू सब भुलाने का मौसम 

प्यार के साथ सासों को गुलजार बनाने का मौसम

माहे वसन्त आया है मीठी तपिश की धूप लेकर

दिल से दिल, मन से मन को मिलाने का मौसम।।