मै अंधा हूँ

मै अंधा हूँ जग मे है रौशनी,
मन में है एक आशा !!
भगवान मै तेरे आगे झुक जाता हूँ,
जब होती है निराशा !!

मन की आँखों से मै देखता,
इस जग की हर उलासा !!
अंधा हुआ तो क्या हुआ,
तेरी किरपा हमेशा हूँ मै पाता !!

मै अंधा हूँ जग मे है रौशनी ,
मन में है एक आशा !!
~गुरसेवक सिंह पवार जाखल

3 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/02/2017
    • gursevak singh pawar jakhal guirsevak 11/02/2017
  2. babucm babucm 11/02/2017

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