ग़म ना करो कोई -शिशिर मधुकर

मुहब्बत ना मिले गर तुमको तो ग़म ना करो कोई
दिल टूटता है जब भी यहाँ किसी ने उम्मीदें संजोई

हर हँसते हुए चेहरे की भी इक अपनी सी कहानी है
सब आँखे इस ज़माने में अक्सर असुओं ने भिगोई

दिल से ही अगर सोचें तो ये जीवन बड़ा मुश्किल है
बल बुद्धि से ही इंसा ने जगाई हैं यहाँ किस्मतें सोई

कमरों में उजाले हैं मगर दिल में अंधेरों के राज हैं
वही फसलें तो उगी है सदा जो सबने मिलकर बोई

इस कश्ती को जीवन में हरदम चलते ही जाना है
तूफ़ान चाहे खुश हो ले मैंने कितनी हसरतें हैं डुबोई

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/02/2017
  2. babucm babucm 08/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/02/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/02/2017
  4. Kajalsoni 10/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/02/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/02/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/02/2017

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