दिल के कोने से…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

मेरे ज़हन-ओ-दिल में छुपे रहते हो….
न जाने क्या क्या करते रहते हो….
रात को नींद नहीं आती….
दिन में भटकाते रहते हो…..

हसीं मेरी अफ़साना बन गयी……
मुस्कुराके बातें जब तुम किया करते हो….

कदम भटकने लगते हैं मेरे…..
निगाह जब तुम फेर लिए करते हो….
सपने सच होने लगते हैं मेरे “बब्बू”….
बेचैन हो जब तुम मुझे ढूँढा करते हो…..
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/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/02/2017
    • babucm babucm 09/02/2017
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/02/2017
    • babucm babucm 09/02/2017
    • babucm babucm 09/02/2017
  3. mani mani 08/02/2017
    • babucm babucm 09/02/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/02/2017
    • babucm babucm 09/02/2017
  5. Kajalsoni 10/02/2017
    • babucm babucm 13/02/2017

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