यादों की बारात – मनुराज वार्ष्णेय

सब कुछ होते हुए भी बंदिशों में गुजारा किया करते है
रसपान को छोड़ कर जहर का घूँट पिया करते है
दिल की बीमारी से जूझ रहे है फिर भी हिम्मत तो देखो
हम तेरी यादों की बारात में दिन रात नाच लिया करते है

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/02/2017
  2. babucm babucm 07/02/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/02/2017
  4. mani mani 07/02/2017

Leave a Reply