नूर फिर से लौटा है – शिशिर मधुकर

प्यार ही प्यार था तेरी इन हंसी निगाहों में
मैं खुद को भूल गया तूने भरा जो बाहों में

जिंदगी में हर ईक चीज तुमको मिल जाए
खुशी मिलती है ऐ मुहब्बत तेरी पनाहों में

सोने चाँदी के घर कितने भी बना लो यहाँ
साथ छोड़ो ना उल्फ़तों का लम्बी राहों में

तुम आ गए हो देखो नूर फिर से लौटा है
मुझको मालूम था रहता हूँ मैं तेरी चाहों में

तेरी साँसो की गर्मी नें ये कैसा जादू किया
फूल मुस्काने लगे मधुकर ठिठुरते माहों में

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 03/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/02/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 03/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/02/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 03/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/02/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/02/2017
  5. Kajalsoni 03/02/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/02/2017

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