तेरी खुशबू से -शिशिर मधुकर

तेरी खुशबू से हम तुझको यहाँ पहचान ही लेंगे
तू आई है हवाओं के रुख से ये भी जान ही लेंगे

सरद मौसम ज्यों बीतेगा नरम सी धूप बिखरेगी
जवां कलियों के यौवन को नज़र में थाम ही लेंगे

कली जब फूल बन बागों में भंवरों को रिझाएँगी
उनकी बातों को शब्दों में कवि फिर बाँध ही लेंगे

बहारे जब भी जाएँगी दिल तो टूटेगा बार बार
नई आशा के सुर खुद को जहन में तान ही लेंगे

अगर जीना है इस संसार में मुस्कुराहटों के साथ
ऐ कुदरत तेरे सब अंदाज हम भी मान ही लेंगे

शिशिर मधुकर

14 Comments

  1. mani mani 29/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/01/2017
  2. C.M. Sharma babucm 29/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/01/2017
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/01/2017
  4. Rituraj Srivastava ऋतुराज 30/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/01/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 30/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/01/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/02/2017

Leave a Reply