मुहब्बत के दीवानों – शिशिर मधुकर

जिस पर हक जताते हो उसके मन की भी जानो
वो मोमीन है या काफिर है इस सच को पहचानो
कहीँ ऐसा ना हो झूठे ही तुम मिट्टी में मिल जाओ
आँख खोलो सँभल जाओ ऐ मुहब्बत के दीवानों

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. babucm babucm 25/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/01/2017
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/01/2017

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