Phir Samraddhhh BanaYenge

Ind!a

 

 

जिस देश ने हमें जन्म दिया उस देश पर जान लुटाएंगे,
कभी माँगेगी माँ सर चार तो हज़ार काट के आएंगे।
जीवन व्यर्थ है हमारा ! हम चिड़िया के काम ना आए,
हर एक कण इकठ्ठा कर इसे फिर सोने की बनाएँगे।।


द्वारा – मोहित सिंह चाहर ‘हित’

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/01/2017
  2. C.M. Sharma babucm 25/01/2017
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/01/2017

Leave a Reply