-दोहे- लिखने का प्रथम प्रयास

“ऐसे क्रोध संभालिए, जो गागर में नीर।
कटु वचन मत बोलिए, चुभे ह्रदय में तीर।।”

“जाकी छवि निहारन सो, मिले ह्रदय का चैन।
वाको सम्मुख राखिए, दिन हो चाहे रैन ।।”

(विवेक बिजनोरी)

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/01/2017
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/01/2017
  3. babucm babucm 25/01/2017

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