प्यार का एहसास – मनुराज वार्ष्णेय

परीक्षा हॉल में हम उनसे मिले तो मन किया आज सब कुछ उनको बता दे
प्यार मोहब्बत कितना उनसे करते है ये सब बातें आज उनको जता दे
दिल धक धक करने लगा जोर से मुँह से एक शब्द भी बाहर नही आ पाया
रोते रोते घर आया ईश्वर को याद किया बोला एक मौका और फिर सेे दिला दे
कवि- मनुराज वार्ष्णेय

5 Comments

  1. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 22/01/2017
  2. C.M. Sharma babucm 23/01/2017
  3. Anamika Sharma 23/01/2017
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/01/2017

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